- पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (PCOS) एक ऐसी हेल्थ कंडीशन है जिसमें ओवरी पर कई छोटी-छोटी सिस्ट/गांठें बन जाती हैं। इससे तेज़ दर्द और बेचैनी (इसके लिए आर्सेनिक एल्बम 200 की एक डोज़ लें), वज़न बढ़ना, पीरियड्स में देरी आदि जैसी समस्याएं होती हैं। भारत में यह सिंड्रोम काफी आम है और हेल्थ से जुड़ी आदतों, खान-पान आदि के बारे में गलतफहमियों के कारण इसके मामले दिन-ब-दिन बढ़ रहे हैं। PCOD/PCOS के कारण ओव्यूलेशन प्रोसेस और पीरियड्स का चक्र बिगड़ जाता है, जिससे कई महिलाओं को गर्भधारण करने में दिक्कत होती है।PCOD/PCOS WOMEN COMPLETE HEALTH GUIDE IN HINDI

- PCOS का मुख्य कारण हार्मोनल लेवल में अचानक और अनावश्यक बदलाव या बढ़ोतरी है। यह खान-पान, नींद और अन्य कारणों से हो सकता है, जिनके बारे में हम इस आर्टिकल में बात करेंगे। साथ ही, हम उन महिलाओं के लिए सही खान-पान के बारे में भी चर्चा करेंगे जो इस सिंड्रोम से पीड़ित हैं।
- पिछले आर्टिकल्स में मैंने PCOS से जुड़ी होम्योपैथिक दवाओं के बारे में बात की है।
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- कई मरीज़ों के ऑब्ज़र्वेशन के आधार पर मैंने पाया है कि कुछ मरीज़ अलग-अलग दवाओं से ठीक हुए हैं, जैसे-
- 1. कैल्केरिया कार्ब (Calcarea Carb) —– 3 मरीज़
- 2. सेपिया (Sepia) —– 2 मरीज़
- 3. लाइकोपोडियम (Lycopodium) —— 2 मरीज़
- 4. पल्सेटिला (Pulsatilla) —— 1 मरीज़
- मैं कैल्केरिया कार्ब लेने वाले एक मरीज़ की PCOS से पहले और बाद की रिपोर्ट दे रहा हूँ। प्राइवेसी से जुड़े कुछ कारणों से मैं बताई गई दवाओं से जुड़ी सभी रिपोर्ट नहीं दे पा रहा हूँ।


PCOD/PCOS में वज़न बढ़ना -PCOD/PCOS WOMEN COMPLETE HEALTH GUIDE IN HINDI
- PCOD/PCOS के दौरान वज़न बढ़ता है क्योंकि हार्मोनल बदलावों के कारण इंसुलिन रेजिस्टेंस insulin resistance हो जाता है, जिससे शरीर में एनर्जी कम बर्न होती है और शरीर में फैट जमा होने लगता है। यह फैट गर्भाशय की परतों (जैसे मायोमेट्रियम आदि), लिवर और शरीर के अन्य हिस्सों में जमा हो जाता है। गर्भाशय में फैट जमा होने के कारण स्पर्म/सीमेन के ओवरी तक पहुँचने का रास्ता बहुत संकरा हो जाता है, और कभी-कभी इससे गर्भधारण में समस्या होती है। इसके अलावा, ओवरी फर्टिलाइज़ेशन और ज़ाइगोट (fertilization and zygote formation) बनने के लिए ठीक से ओव्यूलेट(ovulate) नहीं कर पाती है।
PCOS के दौरान किन चीज़ों से बचें – खान-पान
1. पैकेज्ड फूड / प्रोसेस्ड फूड packaged and processed food
- इनमें ट्रांस फैट(trans fat) की मात्रा ज़्यादा होती है (हालांकि कोविड के बाद इसमें कुछ कमी आई है)। यह नसों और uterus की परतों में जमा हो जाता है, जिससे इनफर्टिलिटी(infertility) और PCOD की समस्या हो सकती है। इससे हार्ट अटैक का खतरा भी बढ़ जाता है।
2. कोल्ड ड्रिंक्स और कॉफ़ी- Coldrinks and coffee
- हम जानते हैं कि ज़्यादा कैफ़ीन( caffeine) महिलाओं की सेहत के लिए बुरा है; इससे गर्भवती महिलाओं का गर्भपात (miscarriage) हो सकता है, इसलिए कोल्ड ड्रिंक के पैकेट या बोतल पर हमेशा चेतावनी लिखी होती है। कोल्ड ड्रिंक्स में ऐसे तत्व होते हैं जो हार्मोन को एक्टिवेट करते हैं या उनमें खुद हार्मोन होते हैं, जिससे हार्मोन का लेवल बढ़ जाता है और अंत में PCOD जैसी समस्याएँ हो सकती हैं।
3. अल्कोहल alcohol
- अगर सही मात्रा और तरीके से लिया जाए तो अल्कोहल शरीर की कई समस्याओं को दूर कर सकता है, लेकिन भारत जैसे देशों में लोग अपनी क्षमता से ज़्यादा, बिना खाने के और बिना किसी सीमा के शराब पीते हैं, यहाँ तक कि महिलाएँ भी। इससे पीने वाले व्यक्ति में हार्मोन का लेवल बहुत बढ़ सकता है और सामान्य दिनों में भी शरीर को अल्कोहल की आदत पड़ जाती है, जिससे किसी भी तरह की मौज-मस्ती, पार्टी या फ़ंक्शन के लिए व्यक्ति को अल्कोहल की ज़रूरत महसूस होने लगती है। यह आदत महिलाओं में सामान्य हार्मोनल चक्र को बिगाड़ देती है, जिसका नतीजा PCOD होता है।PCOD/PCOS WOMEN COMPLETE HEALTH GUIDE IN HINDI
4. जंक फ़ूड- junk food – PCOD/PCOS WOMEN COMPLETE HEALTH GUIDE IN HINDI
- कई मामले दर्ज किए गए हैं और सरकारी अधिकारियों की छापेमारी में पाया गया है कि सड़क पर खाना या जंक फ़ूड बेचने वाले ज़्यादातर लोग ज़रूरी सावधानियाँ नहीं बरतते हैं, जैसे- तेल का बार-बार इस्तेमाल करना, जिससे तेल ज़हरीला और गाढ़ा हो जाता है। इसमें कैलोरी ज़्यादा होती है और यह आसानी से शरीर में जमा हो जाता है। जंक फ़ूड खाने की सामान्य दिनचर्या को भी बिगाड़ता है और पेट को संतुष्टि नहीं देता। इससे नींद से जुड़ी समस्याएँ भी हो सकती हैं।
PCOS/PCOD के दौरान क्या खाएँ-
1. Flax seeds – अलसी का बीज
- अगर आपके पास खेत या थोड़ी ज़मीन है, तो कृपया इसकी खेती करें। यह महिलाओं के रोज़ाना के खाने में शामिल होने वाला सबसे जादुई और पौष्टिक उत्पाद है, जो ओमेगा-3 फैटी एसिड और डाइटरी फ़ाइबर (omega 3 fatty acid and dietary fiber) की ज़रूरत को पूरा कर सकता है; ये गर्भाशय और ओवरी की सेहत के लिए बहुत ज़रूरी तत्व हैं।
2. तिल (Sesame seeds)-
- इसमें डाइटरी फ़ाइबर, हेल्दी फ़ैट, प्लांट प्रोटीन, कैल्शियम और मैग्नीशियम भरपूर मात्रा में होते हैं, जो दिल, हड्डियों, मेटाबॉलिक हेल्थ और गर्भाशय के लिए अच्छे होते हैं।
3. प्रोटीन से भरपूर खाना-
- जैसे चना, बीज, साबुत अनाज, नट्स आदि।
4. फ़ैटी फ़िश (Fatty fish)- PCOD/PCOS WOMEN COMPLETE HEALTH GUIDE IN HINDI
- फ़ैटी फ़िश का मतलब है प्राकृतिक फ़ैट या प्राकृतिक तेल वाली मछली, जो आपके हाई-डेंसिटी लिपोप्रोटीन (HDL) को बढ़ाती है। इससे PCOD/हार्ट अटैक आदि का ख़तरा कम होता है।
5. डेयरी उत्पाद –
- जैसे दूध, दही, घी या प्राकृतिक लस्सी, न कि प्रोसेस्ड (संसाधित) उत्पाद। कभी-कभी प्रोसेस्ड उत्पादों में कुछ अशुद्धियाँ होती हैं जिनसे स्वास्थ्य संबंधी अन्य समस्याएँ हो सकती हैं। बेहतर है कि आप किसी भरोसेमंद व्यक्ति से खरीदें या घर पर गाय या भैंस पालें। ताकि मरीज़ धूप में काम कर सके।
- नकली चीज़ें हमेशा सेहत के लिए नुकसानदायक होती हैं, और ज़्यादा प्रोसेसिंग वाली चीज़ें भी, जैसे रिफ़ाइंड तेल, सेहत के लिए अच्छी नहीं होतीं। घर पर नैचुरल तेल इस्तेमाल करने की कोशिश करें या तिल, सरसों वगैरह खरीदकर मिल से तेल निकलवाएँ। अगर आप सेहतमंद ज़िंदगी चाहते हैं, तो मेहनत और शारीरिक काम ज़रूरी है, दवाएँ नहीं।
नींद का चक्र (स्लीप साइकल) बहुत ज़रूरी है-
किसी भी बीमारी में, किसी भी व्यक्ति के लिए यह बहुत ज़रूरी बात है।
- नींद के चक्र का विश्लेषण- पुराने ज़माने में बिजली या लाइट नहीं होती थी, इसलिए लोग अंधेरा होने पर सो जाते थे। यह एक नैचुरल प्रक्रिया थी क्योंकि हमारे दिमाग की पीनियल ग्रंथि ( pineal gland) अंधेरा होने पर हमें संकेत देती थी और सोने के लिए मजबूर करती थी; उस समय लोग बहुत मेहनत करते थे और उन्हें आसानी से नींद आ जाती थी। 1760 से 1850 के बीच औद्योगिक क्रांति (Industrial Revolution) के दौरान कई आविष्कार हुए, जिनमें बिजली का आविष्कार सबसे अहम था। 1831 में माइकल फैराडे(Michael Faradey) द्वारा बिजली की खोज के बाद इंसानों के सोने का समय 2-3 घंटे देर से होने लगा। फिर टेलीविज़न (TV) के आविष्कार के बाद इसमें और 2-3 घंटे की देरी हुई। अब स्मार्टफोन का दौर है, जिसमें लोग पूरी रात जागते रहते हैं और शरीर की मरम्मत (repair) के लिए समय नहीं मिल पाता। लोग आलसी और दिमागी तौर पर सक्रिय हो गए हैं; कोई मेहनत नहीं करना चाहता, लेकिन अच्छा खाना-पीना चाहते हैं। जब हम सोते हैं, तो हमारा शरीर ‘ऑटो-रिपेयर मोड’ में होता है। नींद न मिलने से यह मरम्मत की प्रक्रिया बाधित होती है और शरीर में हार्मोन का स्तर असामान्य रूप से बढ़ जाता है, जिससे PCOD/PCOS और डायबिटीज जैसी बीमारियाँ हो सकती हैं। PCOD/PCOS WOMEN COMPLETE HEALTH GUIDE IN HINDI
PCOD/PCOS और अविवाहित/विधवा/दूर रहने वाले पार्टनर वाली महिलाओं से जुड़ी समस्याएँ
- एक निश्चित उम्र के बाद इंसानी शरीर को यौन संबंध की आवश्यकता होती है; यह हर पुरुष और महिला की ज़रूरत है, लेकिन महिलाओं का प्रजनन तंत्र (reproductive system) एक बहुत ही जटिल प्रक्रिया है। जब यौन संबंध की इच्छा जागती है—जैसे मोबाइल चैटिंग या फोन पर बातचीत के ज़रिए, जहाँ शारीरिक संबंध नहीं बन पाते—तो हार्मोन का स्तर बढ़ जाता है। इसके साथ ही नींद की कमी, mobile स्क्रीन के सामने ज़्यादा समय बिताना, खराब खान-पान, शराब का सेवन और शारीरिक मेहनत की कमी मिलकर PCOD/PCOS, डायबिटीज और कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का कारण बनते हैं।
- अगर कोई महिला इस बीमारी या सिंड्रोम से छुटकारा पाना चाहती है, तो कृपया इन आदतों को छोड़ दें और अपनी सेहत को बनाए रखने के हर संभव प्रयास करें। एक स्वस्थ महिला ही आने वाली पीढ़ी की नींव होती है। स्वस्थ रहें और प्रजनन क्षमता बनाए रखें।
DISCLAIMER डिस्क्लेमर:-
- ‘द न्यू राइज़ होम्योपैथिक डिस्पेंसरी’ दुनिया भर की मशहूर ‘मटेरिया मेडिका’ (जैसे डॉ. एन.सी. घोष की ‘कम्पैरेटिव मटेरिया मेडिका’, हैनेमैन की ‘ऑर्गनन ऑफ़ मेडिसिन’, बोरिक की ‘मटेरिया मेडिका’ आदि) से डायग्नोस्टिक तरीकों का सिर्फ़ संदर्भ दे रही है। हम किसी को कोई दवा नहीं बताते; हम बस दवा के संदर्भ में हर खास लक्षण के बारे में विस्तार से बताते हैं। चूंकि होम्योपैथिक दवाएं मरीज़ के मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक लक्षणों के हिसाब से बहुत खास होती हैं, इसलिए दवा चुनने के लिए बहुत बारीकी से निरीक्षण की ज़रूरत होती है। इसलिए हम यह लेख सिर्फ़ जानकारी और शिक्षा के मकसद से दे रहे हैं। मैं आपका होम्योपैथ नहीं हूँ, इसलिए अगर आपको कोई भी समस्या हो, तो आप BHMS/MD डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं।
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